वो अचानक आई ज़िन्दगी में
दिल में हलचल हुयी
साथ रहे, जाना
प्रेमिका फिर प्रेयसी
फिर जीवन का अभिन्न अंग
प्यार था
है
बस प्यार के मायने बदल गए हैं
स्तर ऊँचा हो गया है
अब वो संगिनी, अर्धांगिनी
मेरे साथ चल रही है
मेरे जीवन को और अर्थ-पूर्ण करते huye
मुझे और भाव-विभोर करते हुए
मेरे जीवन का हिस्सा
मेरी संगिनी!!!
January 29, 2010 at 3.00 P.M.