CLOSE TO ME

My friends,
It feels good to have my own blog.....there are things which are close to my heart and things which have affected me one way or the other.....my thoughts,my desires,my aspirations,my fears my gods and my demons---you will find all of them here....I invite you to go through them and get a glimpse of my innermost feelings....................

Sunday, March 28, 2010

धुंध

धुंध छटी
कोहरा हटा
दोनों के चेहरे साफ़ दिखाई देने लगे
जो प्यार उसके चेहरे पर देखने को तरस रही थी
वो नहीं मिला
चेहरे पर केवल उदासीनता के भाव थे
मानो कह रहे हों
कि तुम्हारे प्यार के बदले में देने के लिए
मेरे पास प्यार नहीं
मैं तो केवल कुछ दूर चल पड़ा था तुम्हारे साथ
केवल एक मित्र कि तरह
मैं तो तुम्हारा वो हमसफ़र नहीं
जिसकी तुम्हे तलाश है
मैं तो कुछ दूर साथ चला था
सिर्फ तुम्हारे सफ़र को आसान करने के लिए
अब तुम्हारे मेरे रास्ते अलग हैं
क्योंकि मैं तुम्हारा वो प्यार नहीं
जिसकी तुम्हे तलाश है!!!!!!!!!(28.03.2010)
मैनू इश्के ने होर कुछ करन न दित्ता
यार दे इलावा कुछ दिखन न दित्ता
मैनू इश्क ही करन देओ मित्रो
इस विच ही मेरा जीना है
मैं ताँ इश्क दे इलावा होर कुछ सिखया नहीं
मैनू इस इश्क करन तो न हटाओ मित्रो!!!!(28.03.2010)

MOTHER

This one word encompasses the entire universe
she gives selflessly
she loves unconditionally
she prays silently
she cries for her children secretly
stays hungry herself
and gives the last morsel to her children
sleeps in the wet
and makes the child sleep in the dry
laughs when the child laughs
cries when the child is in pain
those who have their mothers
are,indeed, blessed
but those who are motherless
are deprived of her selfless love
so,love your mother
and give her all the respect she deserves
she is your gift from God
love her,cherish her
but never ever slight her.(28.03.2010)

Tuesday, March 23, 2010

पानी

पानी के बिना क्या जीवन है
पानी है तो सब है
वरना सब व्यर्थ है
आज इंसान चाँद पर पानी ढूँढ रहा है
और न मिला है पानी उसे मंगल पर
धरती पर पानी है तो उसे व्यर्थ गवाँ रहा है
आज भी अगर जागे
तो सवेरा होगा
नयी सुबह का सूरज मुस्कुराएगा
आओ मिल कर प्रण करें
पानी को बचायेंगे
अपनी आने वाली नस्लों के
उनके लिए प्यासी बंजर धरती
की धरोहर नहीं छोड़ कर जायेंगे
उन्हें देंगे एक हरा-भरा संसार
जिसमें न ही पानी की कमी हो
और न जीवन की!!!(23.03.2010)

शहीद

वो जिन्होंने जान दे दी देश को आज़ाद करवाने में
आओ याद करें उनकी कुर्बानी को
सीस नीवाएं उनके आगे
शायद फिर कोई भगत सिंह न आये हमारे बीच
न ही कोई राजगुरु न सुखदेव होगा
आज तो मायावती और लालू है हमारे बीच
जो अपने जीते-जी बुत बनवायेंगे
और भगवान् की तरह पूजे जायेंगे
ये क्या करेंगे देश के लिए
ये तो खुद के लिए जिए जायेंगे
भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव
अपनी कुर्बानी पे शर्मिंदा होंगे
कि देश को आज़ाद करवाया
क्या ऐसे नेताओं के लिए??
पर ऐ मेरे हम वतन
आ आज कसम खाएं
कि उनकी कुर्बानी को ज़ाया न होने देंगे
हम भी देश के लिए कुछ कर गुजरेंगे
और देश के लिए मर कर हम भी "शहीद" कहलवायेंगे!!!!(23.03.2010)

फूल

उसके न होने का ग़म तो है
उसके न होने से आँखें नम भी हैं
वो साथ नहीं तो क्या
उसकी यादें मेरे मन में बसती हैं
उसने मेरे आँगन में जो कलियाँ खिलाईं थीं
आज वो फूल बन कर
मेरे आँगन को महका रहे हैं
तू नहीं है उसका ग़म तो सदा रहेगा
पर तेरे होने का एहसास
इन फूलों से सदा रहेगा!!!!!(23.03.2010)

Sunday, March 21, 2010

धरती

प्यासी बंजर धरती
टकटकी लगाए आसमान की ओर देख रही है
आशा है की बादल बरसेंगे
और उसकी प्यास बुझा उसे तृप्त करेंगे
परन्तु बादल तो निर्मोही हैं
मुँह मोड़ कर जा रहे हैं
धरती लाचार सी
उन बादलों को जाते हुए देख रही है
जानती है कि बेबस है
कुछ नहीं कर पायेगी
केवल तरसती निग़ाहों से
उन बादलों को जाते हुए देखती रहेगी!!!!(21..03.2010)
लोकी रब-रब करदे ने
असी यार विच रब पा लिया
यार दी सूरत विच रब डा नूर वसदा
यार दे प्यार ने रब नू मिला दित्ता!!!(21.03.2010)

Friday, March 19, 2010

उसका आना

वो आये और आ कर रह जाए
तो उसका आना सर आँखों पर
दुनिया की रस्मों को तोड़ कर आये
तो उसके आने की नवाज़िश
वो आये केवल मेरा मन रखने के लिए
तो मैं उसके बिना ही जी लूँगा
वो आये मेरी बन कर रहने के लिए
तो दुनिया भूला दूंगा
वो आये मोहब्बत के एहसास के लिए
तो उसकी चाहत में सब लूटा दूंगा!!!(19.03.2010)

Friday, March 12, 2010

Chairs

Two chairs
Sitting across each other
Looking into each other’s eyes
Beckoning one another
The table in between
Acts as a bridge
Despite the distance
There is an unfathomable connection
Intangible yet tangible
It dispels the loneliness
Of an otherwise lonely soul
The warmth of their togetherness
Lifts all solitude
Two companions, two soul mates
Perfect for each other
Even divine intervention
Cannot separate them
They are made for each other
Till death do them part.(12.03.2010)

Sunday, March 7, 2010

बेकरार

मैं जी रही हूँ,
भोग रही हूँ ,
इस जीवन के समस्त सुखों को!
मेरे भीतर एक अथाह प्रेम का सागर है,
जो बेकरार है बाहर आने को!
यह प्रेम जो स्वार्थी नहीं है!
जो केवल देना चाहता है,
खुशियाँ!
जो बाँटना चाहता है ,
दर्द!
जो चाहता है,
समां जाना ,
किसी के भीतर!
और विलीन हो जाना चाहता है उस में,
जैसे नदी विलीन हो जाती है सागर में!
और भूल जाती है,
अपना अस्तित्व!
क्योंकि सागर ही तो
उसका पूरक है!
मेरे भीतर का अथाह प्रेम
सागर के लिए ही तो है!
जो समेट लेगा मुझे अपने आँचल में
और मेरे इस अथाह प्रेम को मकसद देगा
जो बेकरार है सागर में विलीन होने को!!!(07.03.2010)

असहायता

मेरे वजूद का होना न होना एक बराबर
यदि यह किसी के काम न आ सके!
मेरी दयनीय असहायता मेरा मुँह चिढ़ाती है,
मुझ पर हँसतीं है !
मुझ से हर बार कहती है--
उठ, कुछ कर !
उन अभागों के लिए,
जिनका और कोई नहीं है!
उठ, और उन्हें गले लगा,
जो प्यार को तरसते हैं!
तेरे तो पाँव हैं जो तुझे तेरी मंजिल की तरफ़ ले जायेंगे!
उठ. और उनका सहारा बन,
जो चल नहीं सकते!
तू तो दुनिया देख सकता है,
उन्हें अपनी आँखों से कुदरत के रंग दिखा,
जिनकी दुनिया बेरंग है!
अपनी असहायता के दायरे से बाहर निकल,
और उनके लिए जी जो तेरी ओर आँखें बीछाए, टकटकी लगाए
उम्मीद भरी आँखों से देख रहे हैं!
क्योंकि शायद वह तेरी क्षमता को देख सकते हैं
वह क्षमता जो तेरी असहायता के पीछे छिपी है!
उठ, और अपनी असहायता को अपनी ताक़त बना
और दुनिया के दर्द को बाँट,
अपनी हस्ती बना!!!!(07.03.2010)