My friends,
It feels good to have my own blog.....there are things which are close to my heart and things which have affected me one way or the thoughts,my desires,my aspirations,my fears my gods and my demons---you will find all of them here....I invite you to go through them and get a glimpse of my innermost feelings....................

Saturday, January 9, 2010


और वो चला गया
उसने मुड़ कर नहीं देखा
और मैं उसे जाते हुए देखती रही
त्रिशंखू की तरह
अधर में लटकी
मैं सोचती रही
और उसे जाते हुए देखती रही!!(21.02.2007)

1 comment:

  1. ये गलती कभी मत करना ,
    किसी अपने को जाते हुए रोक लेना
    जाने मत देना,
    वर्ना सिर्फ पछतावे के हाथ कुछ नहीं लगेगा